उर्दू शायरी · ग़ज़ल

maine sanson se guftugu ki hai

मैं ने साँसों से गुफ़्तुगू की है

میں نے سانسوں سے گفتگو کی ہے

शायर: Jagdish Prakash4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मैं ने साँसों से गुफ़्तुगू की है
साथ चलने की आरज़ू की है

गुम-शुदा वक़्त के मुसाफ़िर को
फिर से पाने की जुस्तुजू की है

ज़ंग-ख़ुर्दा हयात का क्या ज़िक्र
बात लम्हों की आबरू की है

ख़ुद में ख़ुद को तलाश करने की
मैं ने कोशिश चहार-सू की है