उर्दू शायरी · ग़ज़ल

phir is ke baad to sat aasman udas rahe

फिर इस के बाद तो सात आसमाँ उदास रहे

پھر اس کے بعد تو سات آسماں اداس رہے

शायर: G. R. Vashishth6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

फिर इस के बाद तो सात आसमाँ उदास रहे
वो चाहता था मेरा साएबाँ उदास रहे

किसे पड़ी है कि क्या बात थी कि हर कोई
बहुत ही ख़ुश था जहाँ हम वहाँ उदास रहे

तो क्या हुआ जो बिछड़ने का ग़म नहीं था उसे
तुम अपनी सोचो न तुम भी कहाँ उदास रहे

कोई हँसे मिरे आगे तो रोना आता है
मैं हूँ उदास तो सारा जहाँ उदास रहे

मैं जल रहा हूँ ये हँसने की बात है कोई
उसे कहो कि ये मेरा धुआँ उदास रहे

ये मेरा दिल है कि हर रंग सोख लेता है
न आए कोई भी वो जो यहाँ उदास रहे