उर्दू शायरी · ग़ज़ल

phans leti hai dil samajh lenge

फाँस लेती है दिल समझ लेंगे

پھانس لیتی ہے دل سمجھ لیں گے

शायर: Pandit Daya Shankar Naseem Lakhnawi4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

फाँस लेती है दिल समझ लेंगे
ज़ुल्फ़ करती है बल समझ लेंगे

हम सिपाही हैं और कमान अबरू
तेग़ पकड़े अजल समझ लेंगे

निय्यत-ए-शब हराम ऐ साक़ी
आज तो सोएँ कल समझ लेंगे

आज बे-मिस्ल हो सुख़न में 'नसीम'
चार दिन में मसल समझ लेंगे