उर्दू शायरी · ग़ज़ल

pahle be-yar-o-madadgar kiya jata hai

पहले बे-यार-ओ-मददगार किया जाता है

پہلے بے یار و مددگار کیا جاتا ہے

शायर: Yahya Khan Yusuf Zai5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

पहले बे-यार-ओ-मददगार किया जाता है
फिर हमें हाशिया-बरदार किया जाता है

जाने क्या बूढ़े दरख़्तों पे गुज़रती होगी
जब परिंदों को गिरफ़्तार किया जाता है

जब भी आता है उन्हें अपनी ख़ुदाई का ख़याल
हम ग़रीबों को गुनहगार किया जाता है

लोग ख़्वाबों के 'एवज़ नींद चुरा लेते हैं
सोने वालों को ख़बर-दार किया जाता है

जब भी हम लोग फ़िरासत की स'ई करते हैं
फिर से एक आध चमत्कार किया जाता है