उर्दू शायरी · ग़ज़ल

pahle ahbab ki kahani likh

पहले अहबाब की कहानी लिख

پہلے احباب کی کہانی لکھ

शायर: G R Kanwal7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

पहले अहबाब की कहानी लिख
फिर हर इक लफ़्ज़ के मआ'नी लिख

क्यों तिरे अपने ग़म-गुसारों से
ज़ख़्म-ख़ुर्दा है ज़िंदगानी लिख

ख़ूबियाँ लिख शराब की लेकिन
रूह-अफ़्ज़ा है सिर्फ़ पानी लिख

देख कर बहर-ओ-बर के हंगामे
कोई दिलचस्प सी कहानी लिख

दिल के सहरा में गर्म अश्कों से
कैसे होती है बाग़बानी लिख

हर्फ़-ए-अव्वल से लिख के नाम-ए-ख़ुदा
दिल की तख़्ती पे हर्फ़-ए-सानी लिख

वस्ल की शाम के वरक़ पे 'कँवल'
शादमानी ही शादमानी लिख