उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dikha ke apni hasin aan-ban pal bhar mein

दिखा के अपनी हसीं आन-बान पल भर में

دکھا کے اپنی حسیں آن بان پل بھر میں

शायर: G R Kanwal5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दिखा के अपनी हसीं आन-बान पल भर में
वो दूर कर गया मेरी थकान पल भर में

बग़ैर आग लगाए भी कुछ हसीनों ने
जला दिए हैं कई जिस्म-ओ-जान पल भर में

तमाम लोग इसी डर में मर रहे हैं यहाँ
बिछड़ न जाएँ ज़मीं आसमान पल भर में

नमाज़-ए-इश्क़ भी पढ़ता वो काश रुक जाता
जो दे गया मिरे दिल में अज़ान पल भर में

वो बे-ज़बान था लेकिन ये वाक़िआ' है 'कँवल'
सुना गया है कोई दास्तान पल भर में