उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ne amiron mein ne waziron mein

ने अमीरों में ने वज़ीरों में

نے امیروں میں نے وزیروں میں

शायर: Maatam Fazl Mohammad9 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ने अमीरों में ने वज़ीरों में
'इश्क़ के हम तो हैं फ़क़ीरों में

कोई आज़ाद हो तो हो यारो
हम तो हैं 'इश्क़ के असीरों में

बंदा-ए-'इश्क़ हक़ है अपने यहाँ
ताज-दारों में तख़्त-गीरों में

फ़ुर्क़त-ए-यार की भरी है बू
नाला-हा-ए-नय ओ नफ़ीरों में

ज़न-ए-दुनिया मुरीद किस की नहीं
हम भी इस क़हबा के थे पीरों में

अब तो ख़ामोश हैं क़फ़स में कभी
नग़्मा-संजाँ थे हम-सफ़ीरों में

हम को तू वाजिब-उल-वजूद मिला
हम कबीरों में हम सग़ीरों में

कुंज-ए-उज़्लत में यार को पाया
ने क़लीलों में ने कसीरों में

शुक्र-ए-हक़ कीजिए कि है 'मातम'
अपने दिलदार दिल-पज़ीरों में