उर्दू शायरी · ग़ज़ल

nahin tere siwa kuchh aarzu hai

नहीं तेरे सिवा कुछ आरज़ू है

نہیں تیرے سوا کچھ آرزو ہے

शायर: Taj Muhammad Siddiqui7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

नहीं तेरे सिवा कुछ आरज़ू है
हमारे दिल में बस इक तू ही तू है

दिखाई दे हमें कुछ और कैसे
हमारे चार-सू जब तू ही तू है

तुम्हें ऐ जान छू सकते नहीं हम
कभू शो'ला है तो शबनम कभू है

जिसे देखो है बस माएल उसी का
हमारा यार भी क्या ख़ूब-रू है

नहीं हम लड़खड़ा के गिरने वाले
कि जब तक हाथ में जाम-ओ-सुबू है

तबी'अत में अना शामिल हो जिन की
मियाँ बेकार उन से गुफ़्तुगू है

तिरी ही फ़िक्र में रहता है वो भी
तुझे ऐ 'ताज' जिस की जुस्तुजू है