उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dast mein kis ke aai hai duniya

दस्त में किस के आई है दुनिया

دست میں کس کے آئی ہے دنیا

शायर: Taj Muhammad Siddiqui5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दस्त में किस के आई है दुनिया
हो के अपनी पराई है दुनिया

हाथ आनी नहीं है ये फिर भी
ज़ेहन पर सब के छाई है दुनिया

ये अलग है हमारी आँखों को
आप ने जो दिखाई है दुनिया

वो ही अव्वल है वो ही है आख़िर
दोस्त जिस ने बनाई है दुनिया

देखना हश्र में वो रोएगा
'ताज' जिस ने कमाई है दुनिया