उर्दू शायरी · ग़ज़ल

hamein hasin bahut lag rahe ho pyare tum

हमें हसीन बहुत लग रहे हो प्यारे तुम

ہمیں حسین بہت لگ رہے ہو پیارے تم

शायर: Taj Muhammad Siddiqui7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

हमें हसीन बहुत लग रहे हो प्यारे तुम
ख़ुदा करे कि बनो हम-सफ़र हमारे तुम

कभी जो वक़्त बुरा ज़िंदगी में आ जाए
रहूँ सहारे तुम्हारे मिरे सहारे तुम

यही दु'आ है मिरे दोस्त 'उम्र-ए-रफ़्ता में
ख़ुदा करे न उठाओ कभी ख़सारे तुम

हुए हो बर्फ़ के मानिंद आज क्यों बोलो
इसी जहाँ में रहे हो कभी शरारे तुम

फबेंगे कैसे बताओ हमारे हुजरे में
फ़लक से तोड़ के लाए हो जो सितारे तुम

गया ये वक़्त तो फिर लौट के न आएगा
समझ भी जाओ मियाँ वक़्त के इशारे तुम

मियाँ सताए न ता-'उम्र तुम को नाकामी
करो न काम कोई 'ताज' बिन विचारे तुम