उर्दू शायरी · ग़ज़ल

nahin ho paegi tujh par ayan aazurdagi dil ki

नहीं हो पाएगी तुझ पर अयाँ आज़ुर्दगी दिल की

نہیں ہو پائے گی تجھ پر عیاں آزردگی دل کی

शायर: Sabeen Yunus9 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

नहीं हो पाएगी तुझ पर अयाँ आज़ुर्दगी दिल की
छुपा रक्खी निहाँ-ख़ानों में है अफ़्सुर्दगी दिल की

थकन चेहरों पे है और रौनक़ें नापैद दुनिया की
अँधेरों में न जाने कब से है ताबिंदगी दिल की

कोई नब्ज़ें टटोले साँस की भी आहटें परखे
मिलेगा खोज न कोई है क्या दरमांदगी दिल की

ज़माना अपनी चालें चल गया है हम यहीं पर हैं
न अपने साथ अब तक हो सकी आमादगी दिल की

सराबों में क़दम हैं तो उड़ानें हैं ख़यालों में
नए रस्तों पे ले आई है ये उफ़्तादगी दिल की

फ़तावा-ए-जहाँ-गीरी रविश कैसे बदल पाएँ
जो ख़ुद के भी न बस में हो सके आशुफ़्तगी दिल की

जफ़ा बदले वफ़ा के और मोहब्बत की जज़ा नफ़रत
मिटेगी क्या किसी तौजीह से शर्मिंदगी दिल की

गुल-ए-उम्मीद खिलने को चमन में आबियारी हो
ख़िज़ाँ का रूप न धारे कहीं पज़मुर्दगी दिल की

हमें इक आलम-ए-तस्कीन में रहना मयस्सर हो
'सबीं' शरफ़-ए-क़ुबूलियत जो पाए बंदगी दिल की