उर्दू शायरी · ग़ज़ल

amn-o-aman pyar ki saughat chahiye

अम्न-ओ-अमान प्यार की सौग़ात चाहिए

امن و امان پیار کی سوغات چاہئے

शायर: Sabeen Yunus7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

अम्न-ओ-अमान प्यार की सौग़ात चाहिए
ख़्वाबों को नींद नींद को भी रात चाहिए

वो दाव आज़माने को तय्यार हैं बहुत
उन को ख़बर नहीं कि हमें मात चाहिए

शिकवा अगर न हो तो कहाँ उन से बात हो
तक़रीब कुछ तो बहर-ए-मुलाक़ात चाहिए

आँखों में रतजगा है उठाने को कोई ख़्वाब
ता'बीर को तो अश्कों की बरसात चाहिए

ख़ूँ-रंग हुए शाम-ओ-सहर बे-ख़बर रहे
मुआ'फ़ी नहीं तलाफ़ी-ए-माफ़ात चाहिए

पत्थर का शहर है तो है मुर्दा-दिली भी आम
साँसों के ज़ेर-ओ-बम को नबातात चाहिए

दस्तार से उलझ के गिरीं ख़्वाहिशें तमाम
दिल की ख़लिश को कुंज-ए-मुकाफ़ात चाहिए