उर्दू शायरी · ग़ज़ल

hum ko KHush rahne ki aksar jo dua dete hain

हम को ख़ुश रहने की अक्सर जो दुआ देते हैं

ہم کو خوش رہنے کی اکثر جو دعا دیتے ہیں

शायर: Sabeen Yunus6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

हम को ख़ुश रहने की अक्सर जो दुआ देते हैं
ग़म का सामान भी वो ख़ुद ही बना देते हैं

सर झुकाओ तो ख़ुशामद है उठाओ तो ग़ुरूर
जाने किस बीच के रस्ते का पता देते हैं

उन के चेहरे से टपकता है छुपा बुग़्ज़-ओ-इनाद
दर्स दुनिया को मोहब्बत का वो क्या देते हैं

हम ज़रूरत में कभी काम थे आए जिन के
हम को वो पहलू-तही कर के सिला देते हैं

बे-तकल्लुफ़ हैं मगर हम भी उन्हें जानते हैं
वक़्त पड़ने पे वो किस तरह दग़ा देते हैं

राएगाँ ठहरे सभी आँख से टपके आँसू
दिल पे गिरते हैं तो एहसास नया देते हैं