उर्दू शायरी · ग़ज़ल

samajh mein aae tujhe waisa hi KHayal kahun

समझ में आए तुझे वैसा ही ख़याल कहूँ

سمجھ میں آئے تجھے ویسا ہی خیال کہوں

शायर: Nabil Syed4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

समझ में आए तुझे वैसा ही ख़याल कहूँ
ये सोच के मुझे लगता है हाल-चाल कहूँ

फिर एक आह को दस्त-ए-तलब में पाया है
मैं उस का हाल कहूँ रब या अपना हाल कहूँ

जो मुस्तहिक़ हो तो ता'रीफ़ भी करूँगा मगर
सिवाए दर्द के है क्या जिसे कमाल कहूँ

'नबील' मेरी मदद कर कि तू तो शा'इर है
मैं किस ज़बान में उस के बता जमाल कहूँ