उर्दू शायरी · ग़ज़ल

aaj fursat hai to kuchh der Thahar dekh mujhe

आज फ़ुर्सत है तो कुछ देर ठहर देख मुझे

آج فرصت ہے تو کچھ دیر ٹھہر دیکھ مجھے

शायर: Nabil Syed6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

आज फ़ुर्सत है तो कुछ देर ठहर देख मुझे
मुझ पे भी डाल ज़रा एक नज़र देख मुझे

मेरे शाने पे तिरा सर कभी होगा तब तक
रख के शाने पे सहेली के ही सर देख मुझे

ता-क़यामत मैं जगह से न हिलूँगा अपनी
ता-क़यामत तू मुझे देख मगर देख मुझे

जाने कब समझेगी तू मैं ही तिरी मंज़िल हूँ
मरहलों से तू मिरी जान उभर देख मुझे

'ताज' कहता है मोहब्बत के हर इक मारे से
मैं तसव्वुर हूँ किसी और का पर देख मुझे

देख मुझ को कि तुझे तू ही दिखाई देगा
तुझ पे भी हो के रहेगा ये असर देख मुझे