उर्दू शायरी · ग़ज़ल

naz-o-ghamza-numa kalam aae

नाज़-ओ-ग़म्ज़ा-नुमा कलाम आए

ناز و غمزہ نما کلام آئے

शायर: Daur Afridi7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

नाज़-ओ-ग़म्ज़ा-नुमा कलाम आए
तेरे नामे थे मेरे नाम आए

हम किसे हम-सफ़र कहें कि यहाँ
जितने साथ आए चंद गाम आए

जाने क्या बात है कि तेरे हुज़ूर
लब पे हर बात ना-तमाम आए

हाए तुझ बिन तुझे ख़बर ही नहीं
कितने बे-कैफ़ सुब्ह-ओ-शाम आए

एक तेरे ख़ुलूस-ए-दिल के सिवा
हम कहीं से न तिश्ना-काम आए

अब ठहरती नहीं कहीं भी नज़र
दे दुआ कोई या सलाम आए

'दौर' क्या कुफ़्र है कि अब लब पर
अल्लाह अल्लाह न राम राम आए