उर्दू शायरी · ग़ज़ल

jahan chheD de koi un ka fasana

जहाँ छेड़ दे कोई उन का फ़साना

جہاں چھیڑ دے کوئی ان کا فسانہ (ردیف .. ا)

शायर: Daur Afridi7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

जहाँ छेड़ दे कोई उन का फ़साना
हमा-रंग लफ़्ज़ों की जन्नत सजाना

तुम्हारे हमारे ही दम से है रौशन
दिल-ओ-जाँ की रंगीनियों का ज़माना

ये कैसी अदा है ब-तर्ज़-ए-मोहब्बत
कभी याद रखना कभी भूल जाना

हमें चाहिए सिर्फ़ तेरा तसव्वुर
अगरचे ये दुनिया है तस्वीर-ख़ाना

हर इक तेरे हुस्न-ए-तसव्वुर का शैदा
हो अदना-ओ-आ'ला कि नादान-ओ-दाना

तुलू-ए-सहर है कि तुम सामने हो
ये कुंदन सा मुखड़ा ये गेसू ये शाना

तिरे दौर ने तुझ से माँगी मोहब्बत
मोहब्बत ने बख़्शा तुझे मुस्कुराना