उर्दू शायरी · ग़ज़ल

kaun hai uske bankpan ki tarah

कौन है उस के बाँकपन की तरह

کون ہے اس کے بانکپن کی طرح

शायर: Daur Afridi9 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

कौन है उस के बाँकपन की तरह
हुस्न है हुस्न-ए-अंजुमन की तरह

मैं ने मख़मूर उस को देखा है
रात जागी हुई दुल्हन की तरह

जागे जागे तिरे बदन के ख़ुतूत
खिल-खिलाते हुए चमन की तरह

इक मिरे चाँद के न होने से
चाँदनी रात है कफ़न की तरह

इश्क़ शाइस्ता-ए-जुनूँ निकला
तेरे माथे की इक शिकन की तरह

कोई तारीख़-ए-इश्क़ दोहरा दूँ
ज़िंदगानी है कोहकन की तरह

कोई बन-ठन के घर से निकला है
ज़िंदगी के हसीं चलन की तरह

पैरहन और ऐसे उनवाँ से
रंग-ओ-गुलहा-ए-पैरहन की तरह

कैसी वीरानियाँ में 'दौर' यहाँ
ज़िंदगी है उजाड़ बन की तरह