उर्दू शायरी · ग़ज़ल

naz-o-ada ghurur haya husn mastiyan

नाज़-ओ-अदा ग़ुरूर हया हुस्न मस्तियाँ

ناز و ادا غرور حیا حسن مستیاں

शायर: Lucky farooqi Hasrat6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

नाज़-ओ-अदा ग़ुरूर हया हुस्न मस्तियाँ
ये सब मिला के बनती हैं कॉलेज की लड़कियाँ

जोबन कि जैसे 'मीर' के आँगन का पीला फूल
अल्लाह-रे ये गाँव की अल्हड़ रुबाइयाँ

लज़्ज़त अब उन लबों की समझिए कुछ इस तरह
चूसे का ज़ाइक़ा हैं दसहरी की गुठलियाँ

होंटों पे लिख के पक्की सियाही से उन्स की
गालों पे भेज दी हैं मोहब्बत की 'अर्ज़ियाँ

चेहरे के तानसेन की वीना की मीठी धुन
उस पर तुम्हारी बोलती आँखों की मुरकियाँ

हँसती हैं हाँपते हुए ठंडे चराग़ पर
बिस्तर में बैठे चाँद की मुश्किल चढ़ाइयाँ