उर्दू शायरी · ग़ज़ल

boson ki miThi nahr ke alhaD bahaw mein

बोसों की मीठी नहर के अल्हड़ बहाव में

بوسوں کی میٹھی نہر کے الھڑ بہاؤ میں

शायर: Lucky farooqi Hasrat5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

बोसों की मीठी नहर के अल्हड़ बहाव में
महव-ए-सफ़र है चाँद जवानी की नाव में

मिसरों से छेड़-छाड़ का अंजाम ये हुआ
चर्बे की पीप पड़ गई काग़ज़ के घाव में

जोबन की गीली लकड़ियाँ देने लगीं धुआँ
दो जिस्म जल रहे हैं मिलन के अलाव में

कुछ शे'र गिर के मर गए सीढ़ी से फ़िक्र की
कुछ शे'र फ़ौत हो गए ज़ेहनी दबाव में

ना-क़द्री-ए-सुख़न का यही इक 'इलाज है
ग़ज़लों को बेच दीजिए रद्दी के भाव में