उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dawaen KHwab rishte kaam pichhe

दवाएँ ख़्वाब रिश्ते काम पीछे

دوائیں خواب رشتے کام پیچھے

शायर: Lucky farooqi Hasrat7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दवाएँ ख़्वाब रिश्ते काम पीछे
हैं बरसों से यही हंगाम पीछे

सफ़-ए-अव्वल में हैं मसनू'ई शा'इर
खड़े हैं साहब-ए-इल्हाम पीछे

रही ता-'उम्र दुनिया दो क़दम पर
रहे ता-'उम्र हम दो गाम पीछे

कभी लेता था साँसें हर्फ़-ब-हर्फ़
है राशन कार्ड में जो नाम पीछे

सबाक़-ए-ज़िंदगी कट जाएँ यूँही
मैं आगे और परी-अंदाम पीछे

भगाया दीन की लाठी दिखा कर
पड़े थे मय-कदे और जाम पीछे

तमाशा शह्र भर ने ये भी देखा
मैं आगे आगे और इल्ज़ाम पीछे