उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ba-qadr-e-fikr sujhae hue usi ke hain

ब-क़द्र-ए-फ़िक्र सुझाए हुए उसी के हैं

بقدر فکر سجھائے ہوئے اسی کے ہیں

शायर: Lucky farooqi Hasrat7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ब-क़द्र-ए-फ़िक्र सुझाए हुए उसी के हैं
ये सारे लफ़्ज़ बताए हुए उसी के हैं

हर एक शाख़ पे मिन-फ़ज़्ल-ए-रब्बी लिक्खा है
तमाम फूल खिलाए हुए उसी के हैं

ये मोमिनीन हैं शहकार उस की क़ुदरत का
ये मुशरिकीन बनाए हुए उसी के हैं

उसी ने 'अर्श पे टाँका है चाँद-तारों को
ज़मीं पे पेड़ लगाए हुए उसी के हैं

वगरना आँख में क़ब्ज़ा था ग़म की फ़ौजों का
हम ऐसे लोग हँसाए हुए उसी के हैं

ये क़ौम-ए-लूत की बद-कारियों के चेहरे पर
'अज़ाब-ओ-क़हर सजाए हुए उसी के हैं

उसी के हुक्म का पाबंद है क़लम मेरा
ये सारे शे'र लिखाए हुए उसी के हैं