उर्दू शायरी · ग़ज़ल

nam par harf na aane dije

नाम पर हर्फ़ न आने दीजे

نام پر حرف نہ آنے دیجے

शायर: Pandit Daya Shankar Naseem Lakhnawi4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

नाम पर हर्फ़ न आने दीजे
जान अगर जाए तो जाने दीजे

यास की आस न टूटे जिस में
आस को पास न आने दीजे

पारा-ए-दिल न थमा मर्दुम-ए-चश्म
बैठिए मुझ को ऊठाने दीजे

ग़ुस्सा क्या अब तो गया याँ से 'नसीम'
आइए बैठिए जाने दीजे