उर्दू शायरी · ग़ज़ल

mujhko tere sath apni zindagi achchhi lage hai

मुझ को तेरे साथ अपनी ज़िंदगी अच्छी लगे है

مجھ کو تیرے ساتھ اپنی زندگی اچھی لگے ہے

शायर: Yashvardhan Mishra5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मुझ को तेरे साथ अपनी ज़िंदगी अच्छी लगे है
जैसे बंदे को ख़ुदा की बंदगी अच्छी लगे है

मेहनताना या तरक़्क़ी या वज़ीफ़ा कुछ नहीं पर
हम को तेरे हिज्र की ये नौकरी अच्छी लगे है

सामने है यार की तस्वीर तो ख़ुश-हाल है दिल
आँख को हुस्न-ए-सहर की रौशनी अच्छी लगे है

बात आगे अब चले शायद हमारी ज़िंदगी से
एक लड़की को हमारी शा'इरी अच्छी लगे है

जिस तरह अंधे को लाठी चाहिए है ठीक वैसे
मुझ को दुनिया में तिरी मौजूदगी अच्छी लगे है