उर्दू शायरी · ग़ज़ल

bas isi baat ki KHushi hai abhi

बस इसी बात की ख़ुशी है अभी

بس اسی بات کی خوشی ہے ابھی

शायर: Yashvardhan Mishra5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

बस इसी बात की ख़ुशी है अभी
ख़ैर वो मुझ को चाहती है अभी

दूर है जिस्म का अभी दरिया
सामने 'इश्क़ की नदी है अभी

वस्ल का सीन कट गया लेकिन
हिज्र की फ़िल्म चल रही है अभी

वक़्त आया नहीं कभी अच्छा
पर मिरे हाथ में घड़ी है अभी

ख़ुद-कुशी का मैं सोचता ही नहीं
ज़िंदगी जब बहुत पड़ी है अभी