उर्दू शायरी · ग़ज़ल

mohabbat ho gai jis ko use ab dekhna kya hai

मोहब्बत हो गई जिस को उसे अब देखना क्या है

محبت ہو گئی جس کو اسے اب دیکھنا کیا ہے

शायर: Maaham Shah5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मोहब्बत हो गई जिस को उसे अब देखना क्या है
भला क्या है बुरा क्या है सज़ा क्या है जज़ा क्या है

ज़रा तुम सामने आओ नज़र हम से तो टकराओ
किसे फिर होश हो तुम ने कहा क्या है सुना क्या है

मोहब्बत जुर्म ऐसा है कि मुजरिम है खड़ा बे-सुध
किया क्या है गुनह क्या है सज़ा क्या है ख़ता क्या है

न आना इश्क़ के बाज़ार में अंधी तिजारत है
दिया क्या है लिया क्या है बिका क्या है बचा क्या है

ज़माना झूम उट्ठा है सदा-ए-दाद आती है
न जाने आज 'माहम' ने ग़ज़ल में कह दिया क्या है