उर्दू शायरी · ग़ज़ल

moajiza maniye ya kahiye karishma dil ka

मो'जिज़ा मानिए या कहिए करिश्मा दिल का

معجزہ مانیے یا کہیے کرشمہ دل کا

शायर: Lucky farooqi Hasrat9 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मो'जिज़ा मानिए या कहिए करिश्मा दिल का
दिल के क़ालीन पे रक्खा है जनाज़ा दिल का

कीजिए इश्क़ मगर याद-दहानी में रहे
कोई दिल का न हुआ और न होगा दिल का

अपने कानों में पहन ले मेरे दिल की धड़कन
मैं तिरे वास्ते लाया हूँ ले झुमका दिल का

ज़िंदगी नाम के पंडित ने जिसे खींचा था
मिट गया एक ही दौरे में वो क़श्क़ा दिल का

चारागर हम पे जराहत का फ़ुसूँ ख़र्च न कर
न हुआ है न कभी होगा मुदावा दिल का

ख़ून में भीगे हुए फूल दुआ देंगे तुझे
अपने जूड़े में सजा ले कभी गजरा दिल का

न किसी गीत से रग़बत न शग़फ़ नग़्मों से
सिर्फ़ मीरा के भजन सुनता है कान्हा दिल का

चैन उमीद सुकूँ दर्द तवक़्क़ो धड़कन
बिक गया हिज्र के बाज़ार में क्या क्या दिल का

तेरी तस्वीर मुज़य्यन है कई बरसों से
तू ने देखा नहीं शायद कभी बटवा दिल का