उर्दू शायरी · ग़ज़ल

mera dard-e-nihan hai aur main hun

मिरा दर्द-ए-निहाँ है और मैं हूँ

مرا درد نہاں ہے اور میں ہوں

शायर: Panna Lal Noor6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मिरा दर्द-ए-निहाँ है और मैं हूँ
निशात-ए-जावेदाँ है और मैं हूँ

मोहब्बत जो कभी आराम-जाँ थी
वही अब नीश-ए-जाँ है और मैं हूँ

ये जल्वों की फ़रावानी का आलम
निगाह-ए-बे-ज़बाँ है और मैं हूँ

मिरा अफ़्साना अब मेरा नहीं है
हदीस-ए-दीगराँ है और मैं हूँ

हूँ महव-ए-हुस्न-ए-पोशीदा पस-ए-गुल
बहार-ए-बे-ख़िज़ाँ है और मैं हूँ

ख़िरद मेरे जुनूँ पर हँस रही है
तलाश-ए-बे-निशाँ है और मैं हूँ