उर्दू शायरी · ग़ज़ल

mere pairon tale jo dharti hai

मेरे पैरों तले जो धरती है

میرے پیروں تلے جو دھرتی ہے

शायर: Om Prabhakar5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मेरे पैरों तले जो धरती है
मेरे हाथों ही वो बिखरती है

मैं ही दरिया की शक्ल बहता हूँ
और मछली मुझी में मरती है

एक सूरज है मेरे सीने में
चाँदनी जिस के पर कतरती है

कोई बे-नींद रात चुपके से
शाना-ए-शाम पर उतरती है

जैसे-जैसे वो हाथ धोती है
वैसे-वैसे हिना निखरती है