उर्दू शायरी · ग़ज़ल

mera hissa tha mere dil ka makin tha pahle

मेरा हिस्सा था मिरे दिल का मकीं था पहले

میرا حصہ تھا مرے دل کا مکیں تھا پہلے

शायर: Yasir Guman6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मेरा हिस्सा था मिरे दिल का मकीं था पहले
ये जो इक ज़ख़्म है ये ज़ख़्म नहीं था पहले

तेरे कहने पे ख़ुदा मान लिया था तुझ को
तेरी बातों पे मुझे इतना यक़ीं था पहले

पा-ब-ज़ंजीर करो संग न मारो इस को
ये जो पागल है यहीं तख़्त-नशीं था पहले

मेरी ग़ज़लों में मसाइल थे ज़माने भर के
मेरी ग़ज़लों में कोई दर्द नहीं था पहले

जान-ए-जाँ ठीक नहीं हुस्न पे अब इतना ग़ुरूर
मुझ सिवा कौन तिरे इतना क़रीं था पहले

मेरा मातम जो मिरे दिल में किया करता था
दिल के ज़ख़्मों का 'अज़ादार यहीं था पहले