उर्दू शायरी · ग़ज़ल

maine sikha hi nahin taur agar duniya ka

मैं ने सीखा ही नहीं तौर अगर दुनिया का

میں نے سیکھا ہی نہیں طور اگر دنیا کا

शायर: Nabil Syed4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मैं ने सीखा ही नहीं तौर अगर दुनिया का
मेरा हो जाएगा होगा न गुज़र दुनिया का

इतना खुल कर तिरे हँसने से पता चलता है
तुझ पे होना अभी बाक़ी है असर दुनिया का

हम ख़रीदार भी होते हैं तमाशाई भी
जब कोई करता है नीलाम हुनर दुनिया का

वक़्त लाता है उधर से वहीं छोड़ आता है
वक़्त को छोड़ के है कौन इधर दुनिया का