उर्दू शायरी · ग़ज़ल

main ek shaKHs ko itna qarib laya tha

मैं एक शख़्स को इतना क़रीब लाया था

میں ایک شخص کو اتنا قریب لایا تھا

शायर: Kabeer Halati7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मैं एक शख़्स को इतना क़रीब लाया था
मुझे ये लगने लगा था वो मेरा साया था

सुना है मैं ने वो मोमिन भी हो गया काफ़िर
वो जिस ने 'इश्क़ का कलमा मुझे पढ़ाया था

वो जिस ने दिल में मोहब्बत की लौ लगाई थी
उसी ने फूँक से अपनी दिया बुझाया था

मैं अपने हिस्से की ख़ुशियाँ भी उस को दे आया
वो जिस के ज़ुल्म ने मुझ को बहुत रुलाया था

उसे तो सिर्फ़ मोहब्बत थी मेरी दौलत से
मैं सोचता था मिरे प्यार ने रिझाया था

तमाम 'उम्र वो आराम मिल नहीं पाया
सुकून माँ तिरे आँचल में जितना पाया था

मैं सोचता था बुझाएगा मेरी प्यास 'कबीर'
वो इक सराब था जिस से फ़रेब खाया था