उर्दू शायरी · ग़ज़ल

main bahaar-e-dil-e-shair hun to ab sare gulab

मैं बहार-ए-दिल-ए-शाइ'र हूँ तो अब सारे गुलाब

میں بہار دل شاعر ہوں تو اب سارے گلاب (ردیف .. د)

शायर: Maaham Shah5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मैं बहार-ए-दिल-ए-शाइ'र हूँ तो अब सारे गुलाब
खिल उठेंगे मिरी बू से मिरे जाने के बाद

मिरे होने की नहीं क़द्र कभी तू ने की
तू मिरा नाम नहीं ले मिरे जाने के बाद

वो जो हँसते थे मिरे हाल पे कुछ दिन पहले
वो भी बे-साख़्ता रोए मिरे जाने के बा'द

जो कभी भी मिरे पहलू में नहीं बैठे थे
वो मिरे सोग में बैठे मिरे जाने के बाद

मुंतज़िर जिस की रही एक ज़माना 'माहम'
वो भी जब आए तो आए मिरे जाने के बाद