उर्दू शायरी · ग़ज़ल

maila tan to dhoya jae maile man ko dhoe kaun

मैला तन तो धोया जाए मैले मन को धोए कौन

میلا تن تو دھویا جائے میلے من کو دھوئے کون

शायर: Ganesh Gaikwad Aaghaz5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मैला तन तो धोया जाए मैले मन को धोए कौन
हँसता है जो सब के दुख में उस के दुख में रोए कौन

यादें उस की बातें उस की उस के ही अब चर्चे हैं
वास्ता है जो उस के दिल में उस के दिल में होए कौन

नर्म मुलाएम है बिस्तर पर नींद ज़रा भी आए न
पत्थर को सिरहाने ले कर गहरी नींद ये सोए कौन

सब मुझ को अपने लगते हैं सब मुझ को अच्छे लगते
मैं भी सोचूँ मेरी नींद में ऐसे सपने बोए कौन

अपना अपना बोझ सरों पर सारे ले कर चलते हैं
दर्द जहाँ के अपने सर पर लेकिन औरों ढोए कौन