उर्दू शायरी · ग़ज़ल

bujhi bujhi si nazar mein qarar kis ka hai

बुझी बुझी सी नज़र में क़रार किस का है

بجھی بجھی سی نظر میں قرار کس کا ہے

शायर: Ganesh Gaikwad Aaghaz8 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

बुझी बुझी सी नज़र में क़रार किस का है
हमें बता दो तुम्हें इंतिज़ार किस का है

बहुत अज़ीज़ हैं तुम को मगर ज़रा सोचो
वो जान-ए-मन है तो जान-ए-बहार किस का है

सुना है हम ने वो दुश्मन हमें समझता है
अगर ये सच है तो यारो वो यार किस का है

वो हर किसी को ही शक की नज़र से तकता है
पता करो कि उसे ए'तिबार किस का है

अभी तो उस ने क़दम ही रखा है महफ़िल में
नज़र नज़र में अभी से ख़ुमार किस का है

लहूलुहान सड़क से चलो ज़रा पूछें
कटे सरों में अभी तक शुमार किस का है

जले घरों में भी हम तो सही सलामत थे
बताओ हम पे अभी इख़्तियार किस का है

हमें पता है ज़माना तुम्हारा है लेकिन
तुम्हें पता है वो परवरदिगार किस का है