उर्दू शायरी · ग़ज़ल

koi rahzan na ab rahbar chahiye

कोई रहज़न न अब राहबर चाहिए

کوئی رہزن نہ اب راہبر چاہئے

शायर: Ganesh Gaikwad Aaghaz7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

कोई रहज़न न अब राहबर चाहिए
इस सफ़र में हमें हम-सफ़र चाहिए

दुश्मनों को तो तुम जानते हो मगर
दोस्तों की भी थोड़ी ख़बर चाहिए

ख़ूबसूरत है दुनिया बहुत दोस्तो
देखने के लिए बस नज़र चाहिए

लोग सुन लेंगे और मान भी जाएँगे
बात में अपनी लेकिन असर चाहिए

हम पड़ोसी से अपने रहे बे-ख़बर
सारी दुनिया की हम को ख़बर चाहिए

रौशनी आँख भर छाँव बस हाथ भर
और हवा बस हमें साँस भर चाहिए

है ठिकाना हर इक दिल में 'आग़ाज़' का
उन के रहने को बस एक घर चाहिए