उर्दू शायरी · ग़ज़ल

mah kitne hain sal kitne hain

माह कितने हैं साल कितने हैं

ماہ کتنے ہیں سال کتنے ہیں

शायर: G R Kanwal7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

माह कितने हैं साल कितने हैं
हिज्र कितने विसाल कितने हैं

भीड़ तो बस्तियों में काफ़ी है
आदमी बा-कमाल कितने हैं

जंग तेरी बड़ी तवील सही
माअ'रके बे-मिसाल कितने हैं

लोग बरसों समझ नहीं पाते
उन के शीशे में बाल कितने हैं

जिस की क़िस्मत में हैं उरूज बहुत
देख ये भी ज़वाल कितने हैं

तू है ख़ामोश और बरसों से
मेरे दिल में सवाल कितने हैं

क्या ख़बर है 'कँवल' मुझे खो कर
उस के दिल में मलाल कितने हैं