उर्दू शायरी · ग़ज़ल

laga hai dhaDka koi waswason ne aa liya hai

लगा है धड़का कोई वसवसों ने आ लिया है

لگا ہے دھڑکا کوئی وسوسوں نے آ لیا ہے

शायर: Usman Habib3 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

लगा है धड़का कोई वसवसों ने आ लिया है
'अदू ने सुल्ह के बदले कुमक से क्या लिया है

किसी गुमान का पैकर तराशने के लिए
शब-ओ-सहर से समय का हिजाब उठा लिया है

ये राइगानी बुरी तो नहीं कि जब हम ने
तिरी तलाश में अपना सुराग़ पा लिया है