उर्दू शायरी · ग़ज़ल

koi misal nahin hai teri misal ke baad

कोई मिसाल नहीं है तिरी मिसाल के बाद

کوئی مثال نہیں ہے تری مثال کے بعد

शायर: Varun Anand7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

कोई मिसाल नहीं है तिरी मिसाल के बाद
मैं बे-ख़याल हुआ हूँ तिरे ख़याल के बाद

बस इक मलाल पे तू ज़िंदगी तमाम न कर
बड़े मलाल मिलेंगे मिरे मलाल के बाद

हर एक ज़ख़्म को अश्कों से धो के चूम लिया
मैं ऐसे ठीक हुआ उस की देख-भाल के बाद

उलझ के रह गया वो जाल में तबीबों के
मरीज़ घर नहीं लौटा है अस्पताल के बाद

दुआ सलाम से आगे मैं बढ़ नहीं पाता
उसे भी सोचना पड़ता है हाल-चाल के बाद

हमारे बीच में जो है सही नहीं है वो
उसे ये याद भी आया तो चार साल के बाद

हज़ारों ख़्वाब जो आँखों के आसरे थे कभी
यतीम हो गए आँखों के इंतिक़ाल के बाद