उर्दू शायरी · ग़ज़ल

kitab zor se phenki KHuda ka shukr kiya

किताब ज़ोर से फेंकी ख़ुदा का शुक्र किया

کتاب زور سے پھینکی خدا کا شکر کیا

शायर: Idris Babar3 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

किताब ज़ोर से फेंकी ख़ुदा का शुक्र किया
कि काफ़का की जगह कॉकरोच मारा गया

किसी ने दाढ़ी बढ़ाई किसी ने मूँछ ओके
ज़रा किसी ने बढ़ाई जो सोच मारा गया

तुम्हारी मूरतें नोटों पे छप गईं कुत्तो
तो जड़ पहाड़ की दरिया का लोच मारा गया