उर्दू शायरी · ग़ज़ल

aur wahshat hai irada mera

और वहशत है इरादा मेरा

اور وحشت ہے ارادہ میرا

शायर: Idris Babar5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

और वहशत है इरादा मेरा
हक़ है सहरा पे ज़ियादा मेरा

तो यही कुछ है वो दुनिया यानी
एक मतरूक इरादा मेरा

रात ने दिल की तरफ़ हाथ बढ़ाए
ये सितारा भी है आधा मेरा

आबजू मैं तो चला जल्दी है
इक समुंदर से है वादा मेरा

धूल उड़ती है तो याद आता है कुछ
मिलता-जुलता था लिबादा मेरा