उर्दू शायरी · ग़ज़ल

aa jae wo milne to mujhe id-mubarak

आ जाए वो मिलने तो मुझे ईद-मुबारक

آ جائے وہ ملنے تو مجھے عید مبارک

शायर: Idris Babar6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

आ जाए वो मिलने तो मुझे ईद-मुबारक
मत आए ब-हर-हाल उसे ईद-मुबारक

ऐसा हो सब इंसान हों ख़ुश इतने कि हर रोज़
इक दूसरे से कहता फिरे ईद-ए-मुबारक

हाँ मुझ से जिसे जिस से मुझे जो भी गिला हो
आबाद रहे शाद रहे ईद-ए-मुबारक

तन्हाई सी तन्हाई कि दीवार भी शश्दर
अब खुल के कहे या न कहे ईद-ए-मुबारक

सरगोशी ने पत्थर को सबक़ याद दिलाया
पानी ने लिखा आईने पे ईद-ए-मुबारक

तुम जो मिरे शे'रों के मुख़ातिब थे न होगे
आख़िर में तुम्हें सिर्फ़ तुम्हे ईद-मुबारक