उर्दू शायरी · ग़ज़ल

kisi ke zikr se daim hamari zindagani hai

किसी के ज़िक्र से दाइम हमारी ज़िंदगानी है

کسی کے ذکر سے دائم ہماری زندگانی ہے

शायर: Aarif Nazeer5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

किसी के ज़िक्र से दाइम हमारी ज़िंदगानी है
और उस की राह से हटना हमारी राएगानी है

हमारे ख़्वाब चाहत आरज़ू सारी तमन्नाएँ
तुम्ही हो तुम नहीं तो क्या हमारी जावेदानी है

तिरी चाहत में हम शिद्दत-पसंदी पर उतर आएँ
हमारे बीच हाइल है जो ये दीवार ढानी है

ख़ुदा तेरी ज़मीं पे तेरा बटवारा निराला है
कहीं ख़ुश्की ही ख़ुश्की है कहीं पानी ही पानी है

हमें बचपन ही से अब्बा ने समझाया था कि 'आरिफ़'
मोहब्बत के सिवा दुनिया की हर इक चीज़ फ़ानी है