उर्दू शायरी · ग़ज़ल

kisi ka saya na aanchal hamare sath hua

किसी का साया न आँचल हमारे साथ हुआ

کسی کا سایا نہ آنچل ہمارے ساتھ ہوا

शायर: Faiz Khalilabadi6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

किसी का साया न आँचल हमारे साथ हुआ
तुम्हारे बाद बहुत छल हमारे साथ हुआ

हमारे साए से जिस को शदीद नफ़रत थी
वो शख़्स आ के मुकम्मल हमारे साथ हुआ

हमेशा अपनी मोहब्बत के हाथों क़त्ल हुए
ये हादिसा भी मुसलसल हमारे साथ हुआ

निकल न पाए मोहब्बत तिरे हिसार से हम
हमारा इश्क़ भी पैदल हमारे साथ हुआ

उसे भी देख लिया था हवा-ए-वहशत ने
वो इक चराग़ जो पागल हमारे साथ हुआ

दोबारा तर्क-ए-तअ'ल्लुक़ पे मशवरा करेंगे
जो पहला इश्क़ किसी पल हमारे साथ हुआ