उर्दू शायरी · ग़ज़ल

KHwahishen intizar aur yaqin

ख़्वाहिशें इंतिज़ार और यक़ीन

خواہشیں انتظار اور یقین

शायर: Faisal Nadeem Faisal9 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ख़्वाहिशें इंतिज़ार और यक़ीन
वसवसे बे-शुमार और यक़ीन

तीन अरकान आदमियत के
'आजिज़ी इंकिसार और यक़ीन

इज़्न-ए-रब्ब-उल-अला-ओ-राज़-ओ-नियाज़
आप सिद्दीक़-ओ-ग़ार और यक़ीन

राह-ए-दुश्वार लड़खड़ाते क़दम
दश्त-ए-हैरत ग़ुबार और यक़ीन

जंग में जीत की ज़मानत हैं
हौसला इख़्तियार और यक़ीन

मुस्तक़िल 'इश्क़ की हिमायत में
लोग हम तीन चार और यक़ीन

मंज़िलें बद-गुमानियाँ वहशत
फ़ासला संग-ओ-ख़ार और यक़ीन

मंज़िलों का सुराग़ और हुसूल
'इश्क़ पर इंहिसार और यक़ीन

लीजिए इम्तिहान 'फ़ैसल' का
कीजिए एक बार और यक़ीन