उर्दू शायरी · ग़ज़ल

KHuda ke zikr mein mashghul hain jo mast pahaD

ख़ुदा के ज़िक्र में मशग़ूल हैं जो मस्त पहाड़

خدا کے ذکر میں مشغول ہیں جو مست پہاڑ

शायर: Faisal Nadeem Faisal5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ख़ुदा के ज़िक्र में मशग़ूल हैं जो मस्त पहाड़
समझ गए हैं यक़ीनन अदा-ए-वक़्त पहाड़

हमारी ज़ात तअ'ज्जुब की एक दुनिया है
कहीं पे झील समुंदर कहीं दरख़्त पहाड़

तुम्हारे साथ दुआएँ अताएँ ज़ाद-ए-सफ़र
हमारे साथ मुसलसल सराब दश्त पहाड़

ख़बर हवा से मिली है तुम्हारी आमद की
मगर इसे भी समझते हैं औज-बख़्त पहाड़

जो चल पड़े तो ठहरने का फिर जवाज़ नहीं
हमारे हौसले 'फ़ैसल' कि जैसे सख़्त पहाड़