उर्दू शायरी · ग़ज़ल

agarche tum sa banaya nahin gaya hun main

अगरचे तुम सा बनाया नहीं गया हूँ मैं

اگرچہ تم سا بنایا نہیں گیا ہوں میں

शायर: Faisal Nadeem Faisal7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

अगरचे तुम सा बनाया नहीं गया हूँ मैं
मगर बना के मिटाया नहीं गया हूँ मैं

उसे ये दुख कि ज़मीं तंग क़ाफ़िया मुश्किल
मुझे ये दुख कि निभाया नहीं गया हूँ मैं

मैं जिस तरफ़ से मुकम्मल दिखाई देता हूँ
उसी तरफ़ से दिखाया नहीं गया हूँ मैं

ये इंकिसारी अज़ल से मिरे ख़मीर में है
झुका हुआ हूँ झुकाया नहीं गया हूँ मैं

ग़ुरूर लाज़मी उंसुर था इस वज़ारत का
सो ख़ुद हटा हूँ हटाया नहीं गया हूँ मैं

मैं अपनी ज़ात में इक मो'तबर हवाला हूँ
किसी के साथ मिलाया नहीं गया हूँ मैं

मैं मसअलों में फ़िलिस्तीन हूँ मगर 'फ़ैसल'
किसी जगह पे उठाया नहीं गया हूँ मैं