उर्दू शायरी · ग़ज़ल

KHun-baha ka KHatt-e-la-dawi diya

ख़ूँ-बहा का ख़त्त-ए-ला-दा'वी दिया

خوں بہا کا خط لا دعوی دیا

शायर: Pandit Daya Shankar Naseem Lakhnawi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ख़ूँ-बहा का ख़त्त-ए-ला-दा'वी दिया
जी लिया था उसे नाहक़ जी दिया

सोज़न-ए-मिज़्गाँ ने तार-ए-अश्क से
बिन तिरे आँखों को मेरे सी दिया

इश्क़ बिन दिल दिल न था तो जान यूँ
तेल बिन बत्ती बना हत्ती दिया

उस मसीहा ने मिरे मरक़द पे आ
क्या जलाया जब दिए को जी दिया

दाद पर जब चढ़ चुका दिल ओ नसीम
अब की बाज़ीगर बची अब की दिया