उर्दू शायरी · ग़ज़ल

KHana-e-dil jo viran ho jaega

ख़ाना-ए-दिल जो वीरान हो जाएगा

خانۂ دل جو ویران ہو جائے گا

शायर: Parvez Muzaffar5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ख़ाना-ए-दिल जो वीरान हो जाएगा
यार मेरे परेशान हो जाएगा

मेरे महबूब की बात ही और है
जो भी देखेगा हैरान हो जाएगा

हम अगर मौत से ख़ौफ़ खाते रहे
कोई ग़द्दार सुलतान हो जाएगा

बाग़बाँ बीज नफ़रत के बोने लगे
ये चमन अब बयाबान हो जाएगा

लोग 'परवेज़' के शे'र पढ़ने लगे
आज कर्फ़्यू का ए'लान हो जाएगा