उर्दू शायरी · ग़ज़ल

aaiye tir chalane ke liye

आइए तीर चलाने के लिए

آئیے تیر چلانے کے لیے

शायर: Parvez Muzaffar7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

आइए तीर चलाने के लिए
हम भी हाज़िर हैं निशाने के लिए

चाँद को साथ तिरे करता हूँ
नज़र-ए-बद से बचाने के लिए

ख़ास हिकमत से बना है मिरा दिल
आप के नाज़ उठाने के लिए

तुम मिरे क्या हो बता दो सब को
फूल हो सारे ज़माने के लिए

हम ने आँखों में जला रक्खे हैं
दीप दरिया में बहाने के लिए

आप साहिल पे खड़े हो जाएँ
नाव को पार लगाने के लिए

ज़ख़्म को होंट मिले हैं 'परवेज़'
यार को शे'र सुनाने के लिए